‘आईज इन द वाइल्ड’ में वन्यजीवों के साथ फ्रेंकलिन साइमन की वाइल्डलाइफ जर्नी, चार अन्य देशों में चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
नेपानगर के जंगलों और यहां के वन्यजीवों पर आधारित फिल्म ‘आईज इन द वाइल्ड’ का अमेरिका के एक OTT प्लेटफॉर्म पर प्रसारण शुरू हो गया है। वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर फ्रेंकलिन साइमन द्वारा बनाई गई 1 घंटे 6 मिनट की इस फिल्म की पूरी शूटिंग नेपानगर क्षेत्र के जंगलों में की गई है। फिल्म में क्षेत्र के वन्यजीवों के साथ साइमन की वाइल्डलाइफ जर्नी को भी विस्तार से दिखाया गया है। फिल्म को बांग्लादेश, स्पेन, ब्राजील, बुल्गारिया और अमेरिका के फिल्म फेस्टिवल के लिए भेजा गया था। अमेरिका में फिल्म का चयन होने के बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया, जबकि चार अन्य देशों में चयन प्रक्रिया जारी है।
फिल्म तैयार करने में लगे तीन साल
फ्रेंकलिन साइमन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पूरी करने में करीब तीन वर्ष का समय लगा। इसके बाद विभागीय अनुमतियों और वीडियो एडिटिंग सहित अन्य कार्यों में भी समय लगा। फिल्म तैयार होने के बाद इसे अलग-अलग देशों के फिल्म फेस्टिवल में भेजा गया। उनके अनुसार अमेरिका में चयनकर्ताओं द्वारा फिल्म देखने के बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की अनुमति मिली। इसके बाद अमेरिका में इसका प्रसारण शुरू किया गया।
पुस्तक की सफलता से मिली फिल्म बनाने की प्रेरणा

साइमन ने बताया कि इससे पहले उन्होंने नेपानगर क्षेत्र के जंगल और वन्यजीवों पर आधारित एक पुस्तक तैयार की थी। पुस्तक के विमोचन और उसे मिली प्रतिक्रिया के बाद उन्हें जंगल पर फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली। परिवार के सहयोग से उन्होंने वन विभाग से जंगलों में कैमरे लगाने की अनुमति ली। इसके बाद जंगल के अलग-अलग हिस्सों में मोशन कैमरे लगाए गए।
मोशन कैमरों में विभिन्न वन्यजीवों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। इनमें मुख्य रूप से टाइगर, तेंदुआ, हिरण और नीलगाय सहित अन्य वन्यप्राणियों के वीडियो शामिल हैं। इन्हीं दृश्यों के साथ जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी साइमन की यात्रा को फिल्म में प्रस्तुत किया गया है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगी चयन प्रक्रिया
साइमन के अनुसार फिल्म को विभिन्न देशों की चयन समितियों के पास भेजा गया है। चयन समिति द्वारा फिल्म देखने के बाद इसे संबंधित फिल्म फेस्टिवल में शामिल किया जाएगा। वहां चयनित दर्शकों की प्रतिक्रिया और अन्य मानकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
फ्रेंकलिन साइमन इससे पहले वन विभाग के सहयोग से वन्यप्राणियों पर आधारित पुस्तक भी तैयार कर चुके हैं। उनके पिता एरिक साइमन नेपानगर क्षेत्र में ‘सर्प मित्र’ के रूप में जाने जाते हैं।




