नेपानगर में 2 जून को पकड़े आरोपी से पूछताछ के बाद 5 जून को पुलिस ने दी दबिश, हथियार बनाने के उपकरण जब्त
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 5 जून को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पाचोरी के जंगल क्षेत्र में संचालित अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्री का खुलासा किया। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर नेपानगर और खकनार पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को फैक्ट्री के संबंध में अहम जानकारी नेपानगर में 2 जून को गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली थी।
पुलिस के अनुसार 2 जून को नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने आरोपी बंटी उर्फ ब्रजेश पिता किशोरीलाल दावरे, उम्र 46 वर्ष, निवासी ई-टाइप नेपानगर को उसकी स्विफ्ट कार से एक देसी पिस्टल और एक धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पूछताछ के आधार पर उसके कब्जे से एक अन्य अवैध पिस्टल और चार देसी पिस्टल के राउंड भी जब्त किए गए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि हथियार और राउंड उसे धुलकोट थाना भगवानपुरा निवासी अजीतसिंग उर्फ डेडिया पिता छतरसिंग सिकलीगर ने दिए थे। इसके बाद खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव और नेपानगर थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने 5 जून को ग्राम पाचोरी के जंगल में दबिश दी।
पुलिस को देख दो आरोपी जंगल से फरार
पुलिस के मुताबिक दबिश के दौरान अवैध हथियारों का निर्माण कर रहे आरोपी अजीतसिंग और ठाकुर पिता बराडसिंग पुलिस टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से एक अर्धनिर्मित देसी पिस्टल, दो मैगजीन, एक बैरल, दो ग्राइंडर मशीन, एक ड्रिल मशीन, दो ब्लोअर सहित हथौड़ा, छेनी, रेती, प्लास, कटिंग ब्लेड और हथियार बनाने में उपयोग होने वाले अन्य उपकरण बड़ी मात्रा में जब्त किए गए।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों का निर्माण और तस्करी किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। उनकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
एसपी बोले- अवैध हथियारों का नेटवर्क तोड़ने के लिए अभियान जारी
एसपी आशुतोष बागरी ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों का नेटवर्क तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान लोगों को भड़काकर भीड़ के माध्यम से कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में उपनिरीक्षक कलीराम मौर्य, प्रधान आरक्षक गजेंद्र रावत, सतीश सूर्यवंशी, आरक्षक सुनील धुर्वे और नीरज दांगी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।




