जर्जर भवन के कारण दूधिया स्कूल में दो कमरों में चल रही कक्षा 1 से 8वीं तक की पढ़ाई, गंदे शौचालय और जलभराव से भी परेशानी
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
नेपानगर क्षेत्र के ग्राम दूधिया स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में भवन की समस्या के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल भवन जर्जर होने के कारण कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं महज दो कमरों में संचालित की जा रही हैं। एक कमरे में कक्षा 1 से 5वीं तक और दूसरे कमरे में कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
जर्जर भवन के कारण दो कमरों में सिमटी पढ़ाई
जानकारी के अनुसार विद्यालय का भवन जर्जर स्थिति में होने के कारण उसमें विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है। इसी वजह से स्कूल की पूरी व्यवस्था दो कमरों तक सीमित हो गई है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाने से शिक्षकों का कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों के अनुसार जब एक कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है, तब उसी कमरे में मौजूद अन्य कक्षाओं के बच्चे भी वहीं बैठे रहते हैं। इससे पढ़ाई का वातावरण प्रभावित होता है और विद्यार्थियों को विषय समझने में परेशानी होती है।
बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी
स्कूल परिसर में बारिश के दौरान पानी और गंदगी आने की समस्या भी बताई जा रही है। स्थिति यह है कि कभी-कभी कक्षों में भी पानी भर जाता है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय का शौचालय भी साफ-सफाई के अभाव में गंदा होने की बात सामने आई है।
पिछले सत्र से शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
बताया गया कि स्कूल की समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद पिछले सत्र से अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में विद्यार्थियों की शिक्षा और विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक शिक्षक के सामने कई कक्षाओं की जिम्मेदारी
विद्यालय में एक साथ कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की स्थिति शिक्षकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। शिक्षिका राखी साहु ने बताया कि एक शिक्षक जब किसी एक कक्षा को पढ़ाता है तो उसी कमरे में बैठी अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों का ध्यान भी पढ़ाई से भटकता है। ऐसे में एक शिक्षक के लिए एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को संभालना और प्रभावी ढंग से पढ़ाना कठिन हो जाता है।
व्यवस्था सुधारने की जरूरत
ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्ष, स्वच्छ शौचालय और साफ परिसर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। शिक्षा विभाग को मामले का संज्ञान लेकर विद्यालय की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने की जरूरत है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।






