चंद्रमा और शुक्र की युति ने खींचा लोगों का ध्यान, शाम ढलते ही पश्चिमी आकाश में दिखाई दिया खूबसूरत दृश्य
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
14 सितंबर 2026 की शाम आसमान में चंद्रमा और शुक्र ग्रह की बेहद खूबसूरत युति देखने को मिली। बारीक हंसियाकार चांद के ठीक पास चमकता हुआ शुक्र ग्रह दिखाई दिया। दोनों खगोलीय पिंडों का यह नजारा शाम के आकाश में आकर्षण का केंद्र रहा।
क्या है चंद्रमा-शुक्र की युति?
खगोल विज्ञान में जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आसमान में एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देते हैं, तो इसे कंजंक्शन (Conjunction) कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा के पास दिखाई देने वाला चमकीला बिंदु शुक्र ग्रह था, जिसे शाम के समय ‘सांझ का तारा’ भी कहा जाता है।
शुक्र ग्रह का हुआ पिधान
इस खगोलीय घटना की एक खास बात यह भी रही कि 14 सितंबर को भारत के कुछ हिस्सों सहित दुनिया के कई क्षेत्रों में चंद्रमा ने कुछ समय के लिए शुक्र ग्रह को अपने पीछे छिपा लिया। इस घटना को लूनर ऑकल्टेशन (Lunar Occultation) या पिधान कहा जाता है।
पश्चिमी आकाश में धीरे-धीरे ओझल हुआ नजारा
शाम बढ़ने के साथ चंद्रमा और शुक्र पश्चिमी क्षितिज की ओर नीचे जाते हुए दिखाई दिए और बाद में नजरों से ओझल हो गए। दोनों की करीबी स्थिति ने शाम के आकाश को बेहद आकर्षक बना दिया।









