2017 से 2026 तक भवन किराया, जल प्रदाय और सड़क प्रकाश सहित विभिन्न मदों की राशि बताई जा रही लंबित
नेपा दर्पण प्रतिनिधि |
नेपानगर नगर पालिका पर नेपा लिमिटेड का करीब 12 करोड़ 75 लाख रुपये बकाया बताया जा रहा है। बकाया राशि की वसूली को लेकर नेपा मिल के संपदा विभाग की ओर से पिछले दिनों नगर पालिका को मांग पत्र जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि यह राशि वर्ष 2017 से 2026 के बीच विभिन्न मदों में लंबित है।
भवन किराये से जल प्रदाय शुल्क तक राशि बकाया
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका पर भवन किराया, जल प्रदाय शुल्क और सड़क प्रकाश शुल्क सहित विभिन्न मदों की राशि बकाया है। पहले बकाया राशि इससे अधिक बताई जा रही थी, जिसमें से नगर पालिका की ओर से कुछ राशि जमा कराई गई। इसके बाद भी करीब 12.75 करोड़ रुपये का भुगतान शेष बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, नगर पालिका को भी नेपा मिल से जल वितरण सहित कुछ मदों में राशि लेना बताई गई है। यह बकाया वर्ष 2018 से 2022 के बीच का बताया जा रहा है। दोनों संस्थाओं के बीच देनदारी और लेनदारी के समायोजन के बाद वास्तविक बकाया राशि की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
नगर पालिका के सामने आय बढ़ाने की चुनौती
नगर पालिका के पास स्वयं के आय स्रोत सीमित हैं। साडा कॉलोनी में बने नए नगर पालिका कार्यालय परिसर में दुकानें और हॉल तैयार कर आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है, लेकिन इसके अलावा बड़े स्थायी आय स्रोत विकसित नहीं हो पाए हैं।
कर्मचारियों के वेतन के लिए नगर पालिका काफी हद तक चुंगी क्षतिपूर्ति पर निर्भर रहती है, जबकि विकास और अन्य कार्यों के लिए शासन से मिलने वाली राशि महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में करोड़ों रुपये की बकाया देनदारी नगर पालिका की वित्तीय स्थिति के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का मामला भी चर्चा में
इसी बीच नगर पालिका में कुछ कर्मचारियों का वेतन बढ़ाए जाने का मामला भी चर्चा में है। सूत्रों का दावा है कि इस माह कुछ कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की प्रक्रिया सामने आई थी, लेकिन इसे लेकर सतर्कता बरते जाने के बाद बढ़ा हुआ वेतन जारी नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों नगर पालिका की बैठक में भी कर्मचारियों के वेतन से संबंधित प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि इस मामले में नगर पालिका प्रशासन की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है। नियमानुसार वेतन संबंधी बदलाव के लिए आवश्यक विभागीय प्रक्रिया और सक्षम स्तर से स्वीकृति जरूरी होती है।
पहले अर्द्धकुशल श्रेणी में किया गया था भुगतान
वर्ष 2023-24 में तत्कालीन प्रभारी सीएमओ धीरेंद्र सिंह सिकरवार के कार्यकाल में कुछ कम्प्यूटर ऑपरेटरों के वेतन की श्रेणी में बदलाव किया गया था। बताया जाता है कि आवश्यक हिन्दी टाइपिंग योग्यता नहीं होने के कारण कुछ कर्मचारियों को कुशल श्रेणी के बजाय अर्द्धकुशल श्रेणी के अनुसार भुगतान किया गया था।
अब संबंधित कर्मचारियों के वेतन में दोबारा वृद्धि किए जाने की चर्चा है। कर्मचारियों की वर्तमान योग्यता, सीपीसीटी प्रमाणपत्र और वेतन निर्धारण से जुड़े अभिलेखों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




