2021 में 2.47 करोड़ रुपए की लागत से बना था रोड, पांच साल की परफॉर्मेंस गारंटी के बावजूद मेंटेनेंस नहीं होने का आरोप
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
लोक निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 2021 में करीब 2 करोड़ 47 लाख 87 हजार रुपए की लागत से बनवाया गया नेपानगर-सीवल मार्ग अब कई स्थानों पर जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के दो-तीन साल बाद ही सड़क खराब होना शुरू हो गई थी। वर्तमान में मार्ग की स्थिति ऐसी है कि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की परफॉर्मेंस गारंटी पांच साल की थी, लेकिन इसके बावजूद मार्ग का पर्याप्त मेंटेनेंस नहीं कराया गया। सड़क का निर्माण मलकापुर की एक निर्माण एजेंसी द्वारा कराया गया था। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन अब इसकी खराब स्थिति को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं।

किसानों को सबसे अधिक परेशानी
मार्ग खराब होने का सबसे अधिक असर क्षेत्र के किसानों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार केला उत्पादक किसानों को अपनी उपज खेतों से बाहर ले जाने में काफी परेशानी होती है। सड़क खराब होने के कारण कई बार वाहन चालक खेतों तक वाहन ले जाने से भी इनकार कर देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब मार्ग पर चलने से वाहनों में टूट-फूट की आशंका रहती है। इसका असर कृषि उपज के परिवहन पर भी पड़ रहा है। सड़क की स्थिति को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
स्थानीय स्तर पर PWD कार्यालय नहीं, निगरानी पर सवाल
नेपानगर में लोक निर्माण विभाग का स्थानीय कार्यालय नहीं होने से भी लोगों को शिकायतों के निराकरण में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आने पर शिकायत तो की जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विभागीय अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर सुनवाई नहीं हो पाती।
लोगों के अनुसार सड़क और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान भी विभागीय अधिकारियों की नियमित निगरानी जरूरी है। नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन से सड़क की मरम्मत कराने की मांग
नेपानगर-सीवल मार्ग से जुड़े ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि किसानों, ग्रामीणों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिल सके।




