मेन डेस्क, नेपा दर्पण।
नगर के एक शासकीय कार्यालय में दो दिन पूर्व कर्मचारी के कथित तौर पर शराब के नशे में सोए हुए पाए जाने का मामला अब कार्रवाई के बाद फिर चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी कार्यालय में ही नशे की हालत में सोया हुआ था। अधिकारियों तक मामला पहुंचने से पहले ही साथियों ने उसे कार्यालय से बाहर कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद गर्माया मामला
साथ कर्मचारियों के बाहर निकाले जाने के पहले ही कुछ लोगों ने नशे में सोए हुए कर्मचारी का वीडियों बना लिया था। बाद में वीडियो सामने आने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद दो दिन पुरानी घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
कार्यशैली संतोषजनक नहीं होने का बताया कारण
कार्रवाई की वजह को लेकर अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कर्मचारी की कार्यशैली संतोषजनक नहीं थी। हालांकि, आम जनता इस कार्रवाई को दो दिन पूर्व सामने आई कथित घटना से जोडक़र देख रहे है। यही वजह है कि मामले को लेकर नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल
सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की कार्यशैली और जिम्मेदारियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कई बार कार्यालयों में कर्मचारियों की गैरमौजूदगी और लापरवाही की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। ऐसे में किसी कर्मचारी के कथित तौर पर नशे की हालत में सोए हुए कार्यालय में पाए जाने की चर्चा विभागीय व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े करती है। शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्य के प्रति गंभीरता को लेकर भी इस तरह की घटनाएं चर्चा का विषय बनती हैं।
वीडियो की पुष्टि नहीं करता नेपा दर्पण
हालांकि, नेपा दर्पण सामने आए वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। कर्मचारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अधिकारियों द्वारा बताए गए कारण को ही आधिकारिक पक्ष माना जाएगा। इसके बावजूद कार्रवाई का समय और दो दिन पूर्व सामने आई घटना के बीच संबंध को लेकर लोग अपने-अपने स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। यही वजह है कि मामला कार्रवाई के बाद भी पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर नगर की चर्चाओं में है और शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों की कार्यशैली तथा निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।



