पुरानी रद्दी अब बनेगी कमाई का जरिया, नेपा में 21 हजार रुपए प्रति टन तक खरीदी

11 से 29 सितंबर तक तय दर, दोपहर 12 बजे तक ट्रक पहुंचने पर उसी दिन खाते में होगा भुगतान

नेपा दर्पण प्रतिनिधि।

घरों, दुकानों, स्कूलों और संस्थानों में बेकार पड़ी पुरानी रद्दी अब आय का साधन बन सकती है। नेपा लिमिटेड ने पुराने अखबार और सफेद कागज की खरीदी शुरू की है। इसके तहत 11 से 29 सितंबर 2026 तक रद्दी कागज के लिए 21 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर तय की गई है।
इस व्यवस्था का लाभ स्थानीय स्तर पर रद्दी एकत्र करने वाले लोगों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को मिल सकेगा। खास बात यह है कि खरीदी केवल पुराने समाचार पत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। नोटबुक, उत्तर पुस्तिकाएं, किताबें और अन्य सफेद कागज भी इसमें शामिल किए गए हैं।

एक खेप में 8 टन सामग्री जरूरी

नेपा लिमिटेड में रद्दी कागज बेचने के लिए एक बार में कम से कम 8 मीट्रिक टन सामग्री उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। हालांकि अधिकतम मात्रा की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। खरीदी की दर हर पखवाड़े तय की जाएगी और यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।

12 बजे तक पहुंचा ट्रक तो उसी दिन भुगतान

रद्दी कागज लेकर ट्रक यदि दोपहर 12 बजे तक नेपा परिसर पहुंच जाता है तो जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन भुगतान किया जाएगा। भुगतान सीधे संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में किया जाएगा।
नेपा लिमिटेड के जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि पहल का उद्देश्य बेकार कागज को दोबारा उपयोग में लाने के साथ स्थानीय स्तर पर आय और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इससे रद्दी कागज के पुनर्चक्रण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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