रजत पालकी में सवार होकर प्रजा का हाल जानने निकले राजाधिराज, जय महाकाल के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
श्रावण माह के तीसरे सोमवार को राजाधिराज बाबा महाकाल की तीसरी सवारी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। सभामंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन के बाद बाबा महाकाल रजत पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। शाम करीब 4 बजे जैसे ही बाबा महाकाल की पालकी मंदिर परिसर से आगे बढ़ी, पूरा परिसर जय महाकाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए सवारी मार्ग पर मौजूद रहे।
महाकाल द्वार पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
सवारी निकलने से पहले महाकाल द्वार पर बाबा महाकाल को सशस्त्र पुलिस बल की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद बाबा महाकाल की सवारी नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई शिप्रा नदी के तट पर पहुंची। यहां विधि-विधान से शिप्रा नदी का पूजन किया गया और शिप्रा के पवित्र जल से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। पूजन-अर्चन के बाद सवारी ने पुनः नगर भ्रमण शुरू किया।
भजनों पर झूमते-गाते साथ चले श्रद्धालु
बाबा महाकाल की सवारी में सशस्त्र पुलिस बल की टुकड़ी, पुलिस बैंड और विभिन्न भजन मंडलियां शामिल रहीं। भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु झूमते-गाते सवारी के साथ चलते रहे। सवारी मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए बाबा महाकाल की सवारी पुनः अपने निर्धारित गंतव्य पर पहुंची।




