वंदे मातरम् विवाद: कांग्रेस ने सांसद-विधायक सहित जिम्मेदार लोगों पर FIR की मांग की

कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और तोड़फोड़ के प्रयास का आरोप, कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन; भाजपा के प्रदर्शन के बाद सियासी टकराव तेज

नेपा दर्पण प्रतिनिधि।

वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब बुरहानपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे टकराव में बदलता नजर आ रहा है। रविवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने के बाद सोमवार को कांग्रेस ने पलटवार किया। जिला कांग्रेस कमेटी शहर ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सांसद, विधायक सहित 16 अगस्त की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

बंद कार्यालय के बाहर नारेबाजी और तोड़फोड़ के प्रयास का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि 16 अगस्त को जिला कांग्रेस कार्यालय बंद होने के बावजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर पहुंचकर नारेबाजी की और तोड़फोड़ का प्रयास किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टॉक ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से घटनाक्रम से जुड़े वीडियो, फोटो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

वंदे मातरम् विवाद के बाद भाजपा ने किया था प्रदर्शन

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय में वंदे मातरम् से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया था। इसी मुद्दे को लेकर 16 अगस्त को बुरहानपुर में भाजपा ने विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता और कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचे थे।

अब कांग्रेस ने उसी घटनाक्रम को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी राजनीतिक दल के कार्यालय तक पहुंचकर इस तरह प्रदर्शन करना कितना उचित है।

रिंकू टॉक का आरोप- कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की साजिश

जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टॉक ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को बदनाम करने के उद्देश्य से इस मुद्दे को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है। टॉक ने प्रशासन से मांग की कि 16 अगस्त की घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि जांच में सांसद, विधायक अथवा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने कार्यालय और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा भी मांगी

कांग्रेस ने ज्ञापन में FIR की मांग के साथ जिला कांग्रेस कार्यालय और पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान रिंकू टॉक, रविंद्र महाजन, अनिता अमर यादव, अजय रघुवंशी, वाजिद इकबाल, किशोर महाजन, अकील औलिया, एडवोकेट उबेद शेख, सलीम कोटनवाला, मीडिया प्रभारी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला, फहीम हाशमी, अब्दुल्ला अंसारी, मीनाक्षी महाजन, डॉ. फिरोज बैग, आशीष भगत, कैलाश पाटिल और पदम चौहान सहित कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अब प्रशासन और भाजपा के जवाब पर नजर

भाजपा ने वंदे मातरम् के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। अब कांग्रेस ने उसी प्रदर्शन को लेकर सांसद-विधायक सहित जिम्मेदार लोगों पर FIR दर्ज करने की मांग कर राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। फिलहाल ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों पर पुलिस-प्रशासन क्या रुख अपनाता है तथा भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है, इस पर स्थानीय राजनीति की नजर रहेगी।

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