नाग-नागिन की स्मृति में बना अमर प्रेम मंदिर, नाग पंचमी पर उमड़ते हैं श्रद्धालु

ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर में स्थित अनोखे मंदिर से जुड़ी है 2015 की घटना, नाग देवता और सती नागिन माता की होती है पूजा

नेपा दर्पण प्रतिनिधि।

ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर में स्थित अमर प्रेम मंदिर नाग-नागिन से जुड़ी एक स्थानीय मान्यता और आस्था के कारण विशेष पहचान रखता है। यहां नाग देवता और सती नागिन माता की पूजा की जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर के निर्माण के पीछे वर्ष 2015 में हुई एक घटना जुड़ी है, जिसमें सड़क दुर्घटना में एक नाग की मौत हो गई थी और अगले दिन उसी स्थान के पास नागिन भी मृत मिली थी। लोगों ने इसे नाग के वियोग से जोड़कर देखा और बाद में दोनों की स्मृति में मंदिर का निर्माण कराया। नाग पंचमी पर यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

एक जनवरी 2015 की घटना से जुड़ी है मान्यता

स्थानीय लोगों के अनुसार 1 जनवरी 2015 की रात ट्रांसपोर्ट नगर के गेट नंबर-1 के सामने एबी रोड पर नाग-नागिन का एक जोड़ा सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से नाग की मौत हो गई। बताया जाता है कि घटना के बाद नागिन कई घंटे तक उसी स्थान के आसपास रही।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय बाद नागिन वहां से चली गई, लेकिन अगले दिन नाग के पास ही वह भी मृत मिली। नागिन की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने इसे नाग के वियोग से जोड़कर देखा। इसके बाद दोनों का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।

स्थानीय लोगों ने स्मृति में बनवाया मंदिर

घटना की चर्चा आसपास के क्षेत्र में फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। स्थानीय लोगों ने नागिन को सती माता के स्वरूप से जोड़ते हुए नाग और नागिन की स्मृति में मंदिर बनाने का निर्णय लिया। बाद में यहां मंदिर बनाया गया, जो आज अमर प्रेम मंदिर के नाम से जाना जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान नाग देवता की आराधना के साथ प्रेम और समर्पण से जुड़ी आस्था का केंद्र बन गया है। स्थानीय मान्यता के अनुसार कई प्रेमी जोड़े और परिवार भी यहां अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं।

नाग पंचमी पर होती है विशेष पूजा

नाग पंचमी के अवसर पर अमर प्रेम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाग देवता और सती नागिन माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नागिन की मौत को लेकर अलग-अलग बातें कही जाती हैं और इसके पीछे कोई प्रमाणित कारण सामने नहीं आया है, लेकिन करीब एक दशक बाद भी स्थानीय लोगों के बीच इस घटना से जुड़ी आस्था बनी हुई है।

एक सड़क हादसे से शुरू हुई घटना के बाद बना अमर प्रेम मंदिर आज ग्वालियर में नाग-नागिन से जुड़ी स्थानीय आस्था के एक अनोखे केंद्र के रूप में पहचाना जाता है।

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