ग्राम सीवल में डैम से पानी नहीं रुकने पर ग्रामीणों का आक्रोश, किसानों पर सूखे का संकट
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
ग्राम सीवल की मुख्य नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया डैम निर्माण के महज छह माह के भीतर ही क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। डैम में पानी नहीं रुकने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
डैम क्षतिग्रस्त होने पर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
डैम के क्षतिग्रस्त होने और पानी का ठहराव नहीं होने से नाराज ग्रामीण एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी है। इतने कम समय में डैम के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता
क्षेत्र में औसत से कम वर्षा होने और डैम में पानी नहीं रुकने की स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। डैम का उद्देश्य पानी का संरक्षण कर किसानों को राहत पहुंचाना है, लेकिन इसके क्षतिग्रस्त होने से जल संग्रहण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में किसानों के सामने सूखे का संकट मंडराने लगा है।
जांच और मरम्मत की मांग
डैम के क्षतिग्रस्त होने के मामले में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और आवश्यक मरम्मत की जरूरत है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को राहत दिलाने के लिए डैम को दुरुस्त करने की दिशा में कब कार्रवाई की जाती है।




