मिलावटी और जहरीली मिठाइयों के दुष्परिणाम से आमजन को बचाने उपभोक्ता अधिकार संगठन ने की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
रक्षाबंधन पर्व के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए उपभोक्ता अधिकार संगठन ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी के निर्देश पर मंगलवार, 18 अगस्त को जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रीतम महाजन ने साथियों के साथ जनसुनवाई में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हर्ष सिंह को लिखित शिकायत पत्र सौंपा।
महाजन ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पवित्र पर्व है। इस अवसर पर मिठाइयों की बिक्री में काफी वृद्धि होती है। बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले तत्व भी सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे में आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिष्ठान दुकानों की सघन जांच जरूरी है।
मावा, पनीर और रंगीन मिठाइयों के नमूने लेने की मांग
संगठन ने मांग की है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उच्च अधिकारियों की निगरानी में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की मिष्ठान दुकानों, डेयरियों और मावा निर्माण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए। रक्षाबंधन के दौरान बाजार में बिकने वाले मावा, छेना, पनीर और रंगीन मिठाइयों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच प्रयोगशाला में कराई जाए।
प्रीतम महाजन ने कहा कि मिलावटी और नकली मावे से तैयार मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती हैं। त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय स्वास्थ्य संबंधी घटना को रोकने के लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
संगठन ने नकली अथवा मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों, मिष्ठान केंद्र संचालकों, व्यापारियों और निर्माताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस जब्त अथवा निरस्त करने की कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपभोक्ता अधिकार संगठन के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रीतम महाजन के साथ संजय सिंह, राजू बेदरकर, नारायण चंदेल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




