अर्चना चिटनिस की पहल से मरीजों, विद्यार्थियों और स्टाफ को मिलेगी आवागमन की सुविधा
नेपा दर्पण प्रतिनिधि।
बुरहानपुर के शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए 1 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से पहुंच मार्ग का निर्माण शुरू कराया गया है। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस की पहल से शुरू हुए इस कार्य के पूरा होने के बाद महाविद्यालय आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों, स्टाफ और अन्य लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर
आयुर्वेद महाविद्यालय में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। महाविद्यालय की व्यवस्थाएं निर्धारित संस्थागत मानकों के अनुरूप बनी रहें और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके, इसे लेकर संबंधित विभागों और शासन स्तर पर समन्वय किया गया है।
2026-27 में 73 सीटों पर प्रवेश का अवसर
महाविद्यालय में आवश्यक व्यवस्थाओं और संस्थागत मानकों की पूर्ति के प्रयासों के परिणामस्वरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 73 सीटों पर प्रवेश का अवसर उपलब्ध होगा। इससे बुरहानपुर के साथ प्रदेश और देश के विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा की शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की भी तैयारी
महाविद्यालय में आने वाले समय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। इससे आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने के साथ बुरहानपुर में इस क्षेत्र की संस्थागत भूमिका और मजबूत होने की संभावना है।
अर्चना चिटनिस ने विकास को बताया प्राथमिकता
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय बुरहानपुर में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता में है। आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने और भविष्य में उच्च स्तरीय आयुर्वेद शिक्षा के अवसर विकसित करने के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि पहुंच मार्ग का निर्माण महाविद्यालय के विकास की दिशा में एक और कदम है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान धनराज महाजन, संभाजी सगरे, आशीष शुक्ला, हेमेंद्र महाजन, बलराज नावानी, मुकेश शाह, नरहरी दीक्षित, महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद पटेल, चिंटू राठौड़, अक्षय मोरे, गौरव शिवहरे, भरत रावल, कमर भाई सहित चिकित्सक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।





